Charno me bitha lo maa

           

प्रभात की कलम से 



चरणों में बिठा लो माँ , मेरा जन्म सफल कर दो 
      अपनी पावनता से मेरा मन उज्जवल कर दो 

हर साँस में महके माँ , तेरे नाम का बस चन्दन 
     चाहो तो मिटा दो माँ , जन्मों का हर बंधन 
भूलूँ नहीं नाम तेरा, संकल्प अटल कर दो 
     अपनी पावनता से मेरा ----------------. 

हर प्राणी मुस्काये , सब तेरे ही गुण गाये 
     हर एक वीराना भी , बन साँस तेरी जाये 
सबके जीवन में माँ, तुम चहल पहल कर दो 
    अपनी पावनता से मेरा ---------------. 

राहें हैं बहुत लम्बी , ,कहीं मैं ना खो जाऊँ 
    सागर है बहुत गहरा , कहीं मैं न डुबक जाऊँ 
हम सब हैं तेरी छाँव में, सही मार्ग दिखा दो माँ 
     चरणों में बिठा लो माँ --------------------. 

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